Monday, April 13, 2009

राजनितिक सरगर्मियां

जैसे जैसे इलेक्शन नज़दीक आता जा रहा वैसे वैसे राजनीती अपने शबाब पर जाती नज़र आरही है हर कोई राजनीती पार्टी अपनी अच्छी image को काउंट कर रहा है वही घिसी पीती मुद्दे को उछाल रहा है अप्प अच्छी तरह से वाकिफ है इनके पुचल्ले मुद्दों से , नहीं मालूम चलिए एक बार फिर आपको याद दिला दे , ग़रीबी , आतंकवादी , सांप्रदायिक, आदि जो वो अब भी कामयाब हो रहे है हमारे जज्बातों से खेलने में और हमेशा इस मुद्दे को हमारे सामने लाये है और लाते रहेंगे क्योकि हम इन चाँद गंदे राजनेताओं के गुलाम जो बन चुके है लेकिन कब तक हम इनकी गुलामी की जंजीरों में बंधे रहेगे कब तक हम अपनी अक्ल का वो नज़रिए का पिटारा खोलने में कामयाब होंगे कब तक इनके गंदे मुद्दों से अपना मन बहलाता रहेंगे आप ही बताईये "कब तक"........आज आम जनता की नींदे उडी हुई है और यह गद्दार नेता चैन से मज़ा ले रहे है हम इनके इशारों पर नाच रहे है , हम और आप अपनी आँखों से देख रहे चुनाओ नज़दीक अरह है और यह कैसे जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे है गलती इन नेताओं की नहीं सरासर हमारी अपनी है अगर हम संयम से अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करे तो एक अच्चे नेता को चुन कर हम देश और जनता का उद्धार कर सकेंगे लेकिन इसके लिए हमारे मुल्क के सभी लोगो को एक मंच पर आकर ( चाहे वो किसी भी धर्म ka हो )एक ऐसे नेता को चुने जिससे हमारे मुल्क का भरपूर विकास हो और साथ ही साथ इस मुल्क की सभी जनता खुशहाल हो और आपसी भाईचारा हो नफरत किस नाम की चिडिया है वो दूर दूर तक हमे या किसी को दिखाई न दे, मेरा मानना यह तभी संभव है जब हम और आप अक्ल से काम ले किसी राजनेता के गलत भाषण के जवाला में न आकार आपसी भाईचारा बनाकर इस देश की सभी जनता एक मंच पर आये और इन सभी गंदे राजनेता जो अपनी रोटी सकने में लगे है उन्हें इसमें बिलकुल भी कामयाबी न मिले ......... ऐसा आन्दोलन तभी ला सकते है जब इस देश की जनता के सोचने समझने सलाहियत सभी में अजाएगी जो असंभव नहीं बल्कि पूरा संभव है बस देरी है हमे नींद से जागने की और एक ऐसे सज्जन पुरुष को देश का नेता बनाने की जो देश के हित के साथ साथ जनता के विकास के बारे सोचे न की उनमे नफरत की जवाला को पंपाये आज ज़रूरत है आपसी भाईचारा की ताकि हम फिर से अपने मुल्क को सोने की चिडिया कह जाने लगे ...............खैर यह तभी मुमकिन है जब सभी जनता हमारी तरह सोचना शुरू कर दे इन नेताओ की गुलामी को नज़रंदाज़ करते हुए देश के विकास के बारे में सोचे यह मेरा दिल कहता है हमारा मुल्क बहुत जल्द दुनिया के सभी देशो से आगे होगा येह न गरीबी होगी न बेरोज़गारी आदि .............अंत में हम बस इतना कहना चाहते है और अनुरोध है देश के सभी सज्जनों से अपनी बुद्धि का सही इस्तेमाल करते हुए अपना कीमती वोट एक इंसान को चुनकर संविधान तक पहुंचाए ताकि देश का ज्यादा ज्यादा से विकास हो और देश की जनता सुख और समृधि का जीवन वैतीत कर सके जिससे चारो तरफ खुशहाली ही खुशहाली हो और नफरत और गरीबी नाम की ऐसी कोई गन्दी चीज़ न हो हर इंसान को दुसरे इंसान से लगाव हो मोहब्बत हो जिससे हमारे मिसाल दिए जाए पूरी दुनिया में की देखो एक हमारा देश है जहा ,विकास है, अमन है , सुकून है , खुशहाली है आदि .......काश हम अपनी अक्ल का सही इस्तेमाल कर पाए ताकि एक अच्चे राजनेता का जन्म हो सके और देश का ज्यादा से ज्यादा उद्धार हो सके...........ऐसा ही होगा अगर अप्पकी और हमारी समझ में इन चाँद गद्दार नेताओ की असलियत को समझ पाने हम सफल हो जाये........और आने वाले दिनों में हम और आप होंगे .......ऐसा हमारा दिल साफ़ साफ़ कह रहा है चीख रहा है की आने वाले दिनों में हमारे देश की जनता जागे गी और सही निर्णय लेने में तनिक भी देर नहीं लगायेगी ............बस हम इतना कहना चाहते इस राजनितिक सरगर्मियों में अपनी भावनाओ को न बहने और और यह जो नेता हमारारे ज़ज्बातों से खेलते आये है ऐसा नहीं करने में वो बिलकुल भी सफल होने पाए येही मेरी दुआ रहेगी .......

1 comment:

  1. बहुत अच्छा लिखा है
    आपकी शब्दों पर अच्छी पकड़ है
    लिखते रहिये

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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