Friday, April 24, 2009

फ़िर से दिल तो टूटे गा॥

शीशा टूटे य न टूटे
फ़िर से दिल तो टूटे गा॥
महगाई की मार पड़ेगी
प्रिय से प्रेमी रूठेगा॥
महगेमहगे कपडे मागे
प्रेम नगर भी जाना है॥
प्रिय प्रवाह होटल में बैठ कर
प्रेम प्रसाद भी खाना है॥
खाता देखा के प्रेमी जी के
आँख से आंसू छूटे गा॥
प्रेम वती गाडी लेना है
प्रेम भवन बनवाना है॥
प्रेमातुर पिक्चर देखेगे
प्रेम बाग़ भी जाना है॥
५ लाख का बज़ट देख कर
प्रेमी खजाना लूतेगे॥
प्रेम रतन जो पुष्प लगाना
प्रिया की सेज सजाना है॥
सोलह सिंगार को पूरा करना॥
खुशिया का मौसम लाना है॥
सोच सोच के प्रेमी राजा के
मुह से गुब्बारे फूटेगे॥

3 comments:

  1. दिल टूटता रहता है जिंदगी में कई बार
    कभी दुश्मन तो कभी दोस्त थोड दिया करते है
    बहुत खूब दोस्त

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  2. दिल टूटता रहता है जिंदगी में कई बार
    कभी दुश्मन तो कभी दोस्त थोड दिया करते है
    बहुत खूब दोस्त

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  3. aap ne sahi kahaa sen sahab

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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