Thursday, April 2, 2009

पद्मश्री या शर्मश्री अक्षय कुमार?

अमित कुमार दुबे (IBN7)
बॉलीवुड का खिलाड़ी कहें, बॉलीवुड का किंग कहें, या फिर स्टंटमैन कहें....जो भी कहें अक्षय कुमार के सितारे मौजूदा दौर में बुलंदी पर है। लगातार कामयाबियां उनकी कदम चूम रही है। एक पर एक फिल्में हिट हो रही है।अक्की बॉलीवुड के ऐसे सितारे हैं जो चहेतों के लिए आंखों के तारे हैं। ऐसे में अक्की मुंबई फैशन वीक में रैंप पर जो कुछ कर गए। वो एक भारतीय के लिए शोभा नहीं देता और हमारी सभ्यता में इसे शर्म की निगाहों से देखी जाती है।एक ओर भारत सरकार द्वारा अक्की को पद्मश्री जैसे
गौरवपूर्ण सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है। ये पुरस्कार ऐसे लोगों को दिया जाता है। जो अपने-अपने क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। ऐसे में सैकड़ों लोगों के बीच अपनी पत्नी से जींस का बटन खोलवाने से पहले में पहले एक बार भी इस बारे में नहीं सोचे होंगे। क्या जरा भी ख्याल नहीं आया कि पूरी दुनिया की निगाहें उनपर है।अगर अक्की पब्लिसिटी के लिए ये सबकुछ किए तो इससे बड़ी शर्मनाक बातें नहीं हो सकती। इससे प्रशंसा तो कतई नहीं बटौरी जा सकती है। हां, ये जरूर है कि मीडिया ने टीआरपी के चक्कर में बार-बार ऐरो लगाकर बटन खुलवाने वाली सीन को दिखाकर लोगों से भी राय़ मांगी। रैंप में जलवे बिखेरने उतरे अक्की ने पहले तो एक
मॉडल के साथ रोमांस किया। लेकिन इतने से ही उनका दिल नहीं भरा। इसके बाद सीधे-साधे अक्षय रैंप से नीचे उतर कर पहुंच गए अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना के पास और फिर जो हुआ उसे लोग देखते ही रह गए।दरअसल अक्षय ने सैकड़ों लोगों के सामने ही अपनी पत्नी ट्विंकल से अपनी जींस खुलवाकर सबको चौंका दिया। इस मामले पर अक्षय कुमार का कहना है कि जीन्स में जिप नहीं होती और बटन होते हैं इसलिए इसे अनबटन करवाया जाता है तो इसमें हर्ज ही क्या है।लगता है लोगों के बीच अक्षय अपनी पैंट खोलने की आदत सी पड़ चुकी है। तभी तो खिलाड़ी कुमार ने पिछले साल अपनी जींस को खुद अनबटन किया ता तो इस साल एक कदम आगे बढ़कर ये काम अपनी धर्मपत्नी से करवाया। हम तो यही कहेंगे कि
लोगों अर्श से फर्श पर और फर्श से अर्श पर पहुंचने में देर नहीं लगती है।
आगे पढ़ें के आगे यहाँ

1 comment:

  1. बहुत अच्छा लिखा है

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...