Tuesday, March 24, 2009

गन्दी raajniti एक abhishaap है हमारे देश के लिए

कोई अगर हमसे पूछे की इस समय सबसे गन्दी चीज़ क्या आपकी नज़र में है तो मेरा जवाब जल्दी होता है हमारे प्यारे देश की राजनीती जहाँ आज इंसानियत नाम की चीज़ नही रह गई है इन राज नेताओं में हर कोई अपनी गन्दी और घिनौनी चालों से जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करने में व्यस्त है गैर मुद्दे लेकर जनता को लुभाने में लगे हुए है यह उनकी भी तनिक गलती नही सरासर हमारी अपनी है हम उनकी गन्दी राजनीती की मोह जाल में ख़ुद को कैद कर लेते है , आज का नेता हमारे हित में नही बल्कि अपनी रोटी सकने की खातिर हमारी जज्बातों से खूब खेल रहा है भाई - भाई को लड़ा कर , जातिवाद का मुद्दा उठाकर , हिदू मुस्लिम के मुद्दा उठाकर , आदि मुद्दा बनाकर अपनी राजनीती का डंका बजा रहे हैं उन्हें क्या है मरे साडी जनता बस उन्हें पञ्च साल के लिए कुर्सी चाहिए चाहे उसके उन्हें इंसानियत को अपने पैरों टेल रौंदना पड़े वो उसको करने में पीछे क्यों हटेंगे बस उन्हें सिर्फ़ और सिर्फ़ कुर्सी से मतलब है काहे की जनता , जनता तो सिर्फ़ उनके एक भेद बकरे की तरह है जब चाह इस्तेमाल किया और फ़ेंक दिया , इनकी चाल तो देखिये जब इनकी इमेज इतनी खराब हो गई है की अब दूसरा हथकंडा अपनाना शुरू कर दिए है अब तो वो राज्निनिती में फ़िल्म जगत के लोगों को इस दौड़ में आजमा रहे हैं बस उन्हें कुर्सी किसी भी सूरत में चाहिए उसके लिए कोई भी हथकंडा अपनाना पड़े वो अपना रहे है ,

बस अब् वक्त आगया है एक जुट होकर इन गंदे राजनेताओं के खिलाफ आवाज़ उठाने का जिससे देश से इन पापिओं का नाम निशाँ गायब हो सके और दोबारा एक धर्निर्पेक्ष देश बनाया जा सके जहाँ गरीबी, भूख मरी, बेरोज़गारी आदि न हो हर एक इंसान चाहे वो किसी भी मज़हब का हो खुश हाली की ज़िन्दगी जिए,अब् फैसला हमारे तों में है एक नए देश का निर्माण करना है या इन कुछ चाँद गद्दार नेताओं के हवाले कर देना है आईये हम सभी एक मंच पर आकर इन ब्रष्ट नेताओं को बहिष्कार करें और अपने कीमती वोटों से एक अच्छे नेता को चुनकर हम अपने देश उद्धार करें जिससे हमारा देश उन्नति के रास्ते पर अगर्सर हो और हम गर्व से कह सके यह हमारा प्यारा चमन यह है हमारा प्यारा और दुलारा हिन्दुस्तान,,,.....

अब् फैसला humein करना है andhkaar को लाना है या roshni से हमारे देश की khoobsurti को bhar देना है जहाँ आपसी bhaichaara हो khushhaali हो नफरत नाम की चीज़ किसी दिल में न हो हर कोई चाहे वो amir हो areeb हो एक khushhaal जीवन vayteet कर रहा हो........

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--- संजय सेन सागर

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