Sunday, March 29, 2009

रुपेश आप तो बिन पैंदी के लौटे हो यार

''हिन्दुस्तान का दर्द''और भड़ास-२ के मध्य एक अजब सी बहस चल रही है जिसका शायद कोई मतलब नहीं है वो इसलिए क्योंकि दोनों लोग बेकार की बातो पर लड़ रहे है लेकिन कोई भी बात सकता है की इसकी बजह रुपेश जी खुद है क्योंकि उनकी मानसिकता महज विरोध की रह गयी है पहेले मैंने उन्हें कई बार अच्छा काम करते देखा है लेकिन अब मुझे आश्चर्य होता है जो लाजमी है! संजय जी को बहुत अच्छी तरह से जानती हूँ भोपाल मे उनसे मुलाकात हुई थी लोकराज पत्रिका के विमोचन मे उसी दिन से उनके ब्लॉग पर लिखना सुरु किया और खुद का भी एक ब्लॉग बनाया! मैं इस विषय पर यही कहना चाहूंगी की रुपेश जी निश्चित रूप से गलत है उन्हें खुद मे सुधार करना ही होगा क्योंकि मनीषा,मनोज,भानुप्रिया रूपेश ,मुनव्वर सुल्ताना ,X-Man ,ज़ैनब शेख ,MANISH RAJ ,मोहम्मद उमर रफ़ाई ,फ़रहीन नाज़ यह सब बही नाम है जिनके और आपके बीच गहरा सम्बन्ध है बह यह की आप ही इन नामों से लिखते है और कईं नाम और भी है!





आप आज अम्बरीश जी कोई गाली दे रहे है और उसे संजय सेन बता रहे है लेकिन एक दिन अम्बरीश जी आपकी नजरों मे अच्छे भडासी थे !जब आपने यह लिखा था उनकी तारीफ मे

अम्बरीश जी ने संजय सेन का विरोध किया और रुपेश जी ने अम्बरीश को गले से लगाया,मतलब जो आपके गंदे कामों मे साथ देगा बह रुपेश जी का दोस्त और जो उनके कामों का विरोध करेगा,रुपेश जी उसका विरोध संजय और यशवंत की तरह करेंगे अब मेरे ख्याल से किसी को कुछ भी समझने की जरुरत नहीं बची होगी !

रुपेश जी मैं आपकी दुश्मन नहीं हूँ लेकिन आप गलत है और मैं गलत होते देख नहीं सकती,आप आप मुझे संजय सेन कह सकते है मुझे ऐतराज़ नहीं क्योंकि लोग आपके सारे हथकंडे जानते है !









आगे पढ़ें के आगे यहाँ

4 comments:

  1. कल्पना जी आपने अम्बरीश जी का समर्थन किया अच्छी बात है लेकिन मे आपसे नाराज हूँ की आपको यह सब नहीं लिखना चाहिए था,हमारे मंच के लिए इस तरह का लेखन अच्छा नहीं है
    हमारा मकसद देश और समाज के लिए लिखना है न की व्यक्ति विशेस !आप खुद समझदार है~!

    ReplyDelete
  2. दरअसल मुझसे लोगों को समझने मे गलती हुई थी
    इसके लिए संजय जी से माफ़ी मांग चुका हूँ

    ReplyDelete
  3. मुझे यहाँ पर पढने और लिखने का समय कम मिलता है
    इसलिए इस विषय पर मैं कुछ नहीं कहूँगा
    आप लोग अच्छा काम करें बस !

    ReplyDelete
  4. aap abhi tak yahi fanse huye ho sanjay ji
    chodo yaar in kutton ke muh lagna

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...