Monday, March 30, 2009

देखो नेता आ रहे है,

देखो नेता आ रहे है, लोग फूल बरसा रहे है//
सबसे हाथ मिला रहे है, लोगन माला पहना रहे है,,
कोई कोई हाथ हिला रहे है, कोई तली बजा रहे है//
कोई नारा लगा रहे है, जनता सब चिल्ला रही है//
नेता भाषण सुना रहे है, जनता का फुस्लाय रहे है//
प्यार का उपदेश सुना रहे है, लोगन का फसा रहे है///
अबकी हमका जीते दिया आपण जिनगी बनाय लिया//
देशवा का उन्नत करवाय दिया आपण काम बनाय लिया//
बच्चे गीत सुने रहे है नेता जी मुसकाय रहे है,,
यहाँ से जीत जब जायेगे जल्दी वापस न आयेगे//
जब वोट पराने को आए तो नेता जनता का फुसलाये//
पैसा खूब कमाय रहे है, लोगन फूल बरसे रहे है,,

1 comment:

  1. अच्छा लिखा है बहुत बढ़िया !

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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