Monday, March 16, 2009

हीर रांझा के मुल्‍क में फिजा और चाँद


अब फिजा में चाँद नहीं रहेगा। यूँ तो फिजा और चाँद की दूरियां पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ ही रही थीं लेकिन अब चाँद ने तलाक ले लिया है। चाँद और फिजा के बारे में अब तक बहुत कुछ सुना जा चुका है ओर उतना ही लिखा जा चुका है। दोनों के बीच जो भी हुआ कुछ तेज हुआ, तेजी परवान चढ़ी। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन, चांद मुहम्मद और अनुराधा बाली फिजा बन गए। सब कुछ बड़ी जल्‍दी में हुआ। दोनों ने इसे प्‍यार इश्‍क और मोहब्‍बत का नाम दिया और एक दूसरे से ब्‍याह रचा दिया। समाचार चैनलों, अखबारों में धड़ाधड़ फोटो छपे, बयान आए। चाँद उस फिजा में मुस्‍करा रहा था, और फिजा भी बेहद खुश थी। अब खबर है कि चाँद ने लंदन से ही फोन पर फिजा को तलाक दे दिया है। हाथों की मेंहदी सूखी भी न थी कि चाँद को चंद्रमोहन का परिवार याद आ गया। उसे पहली पत्‍नी ओर बच्‍चे याद आने लगे। आने भी चाहिए थे, आखिर परिवार तो परिवार है। वैसे ये नितांत व्‍यक्‍तिगत मामला है और कोई भी आदमी प्‍यार करने घर बसाने के लिए पूरी तरह से आजाद है। औरत हो या आदमी, राजा हो या रंक, हर किसी को अपनी जिंदगी पूरी तरह से और अपने तरीके से जीने का अधिकार है और आजाद मुल्‍क में तो बेशक। चाँद ने फिजा से तलाक ले लिया है, ये अगर एक बात रहती तो इस पर कुछ भी कहने का हक किसी का नहीं था, क्‍योंकि हमारी स्‍वतंत्रता वहीं पर खत्‍म हो जाती है, दूसरे की नाक जहाँ से शुरू होती है। लेकिन फिजा और चाँद का प्‍यार भी खबर था बल्‍कि दोनों ने ही हंसते मुस्‍कराते इसे खबर बनाया। और अब इनका तलाक भी समाचारों की सुर्खी है। हिंदुस्‍तान के तमाम चैनलों में और अखबारों के लिए ये तलाक, खबर है, इसे सुर्खी की तरह समझने के लिए भी चाँद और फिजा ही जिम्‍मेदार हैं। इस ड्रामे की शुरुआत दोनों के अचानक शादी करने की खबर से हुई थी और कुछ ही दिन बाद जब चाँद या चंद्रमोहन अपने परिवार के पास वापस (फिजा के साथ परिवार बसा ही नहीं)गया तो अनुराधा बाली उर्फ फिजा ने उस पर धोखा देने के आरोप लगाने शुरू कर दिए। यहीं से दोनो की करतूत मखौल बन गई। फिजा ने चाँद को हवस का भूखा बताया। फिजा ने पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज कर राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन उर्फ चांद मोहम्मद पर बलात्कार करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। उसने ये भी कहा था कि चंद्रमोहन के परिवार वालों ने उनका अपहरण कर लिया है। हालांकि बाद में स्वयं चांद ने इसका खंडन किया। पुलिस ने इसे घरेलू मामला बताया। फिजा ने चाँद मोहम्मद के विरुद्ध बलात्कार और धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के लिए मानवाधिकार आयोग में याचिका भी दाखिल की जिसमें चाँद पर बलात्कार, धोखाधड़ी, धार्मिक भावनाएं आहत करने, मानहानि तथा जान से मार देने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। व्‍यथित फिजा ने आत्महत्या का कथित प्रयास भी किया। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराया गया। अचानक चाँद भी हिंदुस्‍तान से ओझल हो गया, बाद में पता चला कि लंदन में चाँद का इलाज चल रहा है। इधर फिजा आरोप लगाती रही, उधर से चाँद अपने को पाक बताते रहे। इसी बीच खबर आई कि फिजा को अपनी प्रेम कहानी के अंतरराष्ट्रीय फिल्म के अधिकार बेचने का प्रस्ताव मिला है। खबरों के मुताबि इंडिया पैसिफिक मीडिया एंड मूवीज इन्कॉ. और इंडिया पोस्ट कनाडा ने फिजा को ये आफर दिया। खबरों की मानें तो प्रस्ताव के लिए हाँ करने पर फिजा को 50 लाख डॉलर की राशि मिलनी तया थी। दोनों कंपनियों का कहना था कि इस राजनीतिक प्रेम कहानी को अमेरिका और कनाडा में प्रसारित किया जाएगा। और आखिर लंदन से ही कथित तौर पर चाँद ने फिजा को तलाक दे दिया। ये कोई प्रेम कहानी का दुखद अंत नहीं है। ये समाज के लिए सबक के तौर पर मिसाल है जिसे संजीदगी से लेना चाहिए। मीडिया जिसे खबरें गढ़ने की आदत है, और समाज जो चटखारे लेकर ऐसी खबरें देखते हैं, सुनते हैं और पढ़ते हैं। फिजा कोई साधारण औरत नहीं थी और ना ही कानून से अंजान। वो हरियाणा की पूर्व सहायक महाधिवक्ता अनुराधा बाली है, और चाँद मोहम्‍मद भी एक पूर्व उपमुख्‍य मंत्री। दोनों इस तरह के कदम का आगाज और अंजाम बेहतर जानते थे। फिर भी दोनों आगे बढ़ते रहे और अब दोनों ने मोहब्‍बत को रूसवा करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। हालांकि ये बात रही कि च्रंदमोहन ने हमेशा ही फिजा से मोहब्‍बत को स्‍वीकारा और माना, लेकिन फिजा जिसने बहुत कुछ खोया चाँद उसके पास नहीं रहा तो उसका गुस्‍सा भी जायज था। लेकिन सवाल ये भी है कि क्‍या मोहब्‍बत इतनी सस्‍ती हो गई है। अगर आप किसी से प्‍यार करते हैं तो इस तरह के छलावे, आरोप ये सब क्‍या है। लगा ही नहीं कि कहीं से भी प्‍यार का मामला हो। आगे पढ़ें के आगे यहाँ

2 comments:

  1. भाई जान .... ये प्यार -व्यार नहीं था .ये तो परदे के पीछे की रगरेलिया थी . जो दुनिया को पता चल गयी थी.इज्जत का सवाल था. इस्लाम का सहारा लिया.एक नया ड्रामा कर दिखाया.
    दुःख इस बात का है की इस्लाम के जानकर भी इन जेइसे लोगो के हाथ में खेल कर इस्लाम धरम का मजाक उड़ते है.
    केवल अवेध शादी को वैध बनाने के लिए इस्लाम स्वीकार किया.जब मन भर गया तो कह दिया तलाक-तलाक-तलाक.
    अब इस्लाम छोड़ कर हिन्दू हो जाये गे. क्या कहने मेरे हिंदुस्तान के...... यही तो है "हिंदुस्तान का दर्द "

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  2. चाँद-फिजा ने कर लिया, मन-मर्जी का खेल.

    अनचाहे भी दुखी हैं हम यह नाटक झेल.

    फेंकें दोजख में इन्हें, दोनों का है दोष.

    चर्चा भी मत कीजिये, तब होगा संतोष.

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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