Thursday, March 19, 2009

ये जख्म गहरा है ....

ये जख्म गहरा है
कोई मरहम दे दे ।
मेरी प्यास है बड़ी
कोई सागर दे दे ।
तिल तिल कर मर रहा
कोई एक उमर दे दे ।
अँधेरा गहरा रहा
कोई चाँद की नजर दे दे ।
ये जख्म गहरा है
कोई मरहम दे दे ।

1 comment:

  1. एक बार में मर जा ....क्यों कस्तो में मर रहा है.

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--- संजय सेन सागर

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