Tuesday, March 31, 2009

मार्क राय जी आपने सही कहा, यह वाकई ठीक नहीं है !

मैंने आज मार्क राय जी का पोस्ट पढ़ा, उन्होंने ब्लॉग में बढ़ रही अश्लीलता और पाश्चात्यकरण के बारे में अच्छा लेख लिखा और मैं उनका समर्थन करता हूँ, उन्होंने बिलकुल ठीक कहा!

मैं देख रहा हूँ कि आजकल जो ब्लॉग है उनपर खूब अश्लीलता परोसी जा रही है हालाँकि इससे क्षणिक सफलता तो मिल जाती है मगर इस तरह के ब्लॉग लम्बी रेस में किसी भी गिनती में नहीं आते हैं ज़्यादातर चिट्ठाकार ब्लॉग में खूब सारी गलत बातें लिखते हैं, पहली बार तो पाठक या ब्लॉग का सदस्य इसे थोडा बहुत पढ़ लेता है मगर शीघ्र ही उसका असर उल्टा होने लगता है

सफलता के शोर्टकट तो बहुत से हैं जो कामयाब भी हैं अर्थात उन कुछ शोर्टकट से ब्लॉग सफल तो हो जाता मगर वह सफलता क्षणिक होती है

ईश्वर की कृपा से मनुष्य आज विज्ञानं में बहुत आगे बढ़ गया है इसी प्रगति में एक प्रगति ब्लॉग की भी है हमें इसका इस्तेमाल देश के हित में, समाज के हित में और ऐसे कम में लगाना चाहिए जिससे हम उन्नति करे या कम से कम अच्छा ज्ञान अर्जित करें

ब्लॉग में वह हो जो अनोखा हो मगर समाज के दायरे में आता हों आप अपनी बात कह दे और ऐसे कहें कि किसी को ठेस ना लगे

"मैंने अपना ब्लॉग 'स्वच्छ सन्देश: हिन्दुस्तान की आवाज़' एक उद्देश्य के तहत बनाया है और वह उद्देश्य है- इसलाम के बारे में जो गलतफहमियां हमारे समाज में हैं उसको दूर करना और साथ ही साथ भारत देश की दो बड़ी कौमों हिन्दू और मुसलमान को कुछ ऐसा सन्देश देना जिससे कि वह एक ही छत के निचे आ जाये इस उद्देश्य के साथ यह सपना भी कि अगर हम सब एक छत के नीचे आ गए भारत देश सं २०२० में दुनिया की महाशक्ति अवश्य बनेगा, अवश्य बनेगा "

तो प्लीज़ आईये हम ऐसी ब्लोगिंग करें, जो हमें जोड़े, ना कि तोडे

इसी उम्मीद के साथ,
Jai Hindustaan! Jai Yungistaan !!

आप सबका चिटठा मित्र
सलीम खान
स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़
लखनऊ व पीलीभीत, उत्तर प्रदेश

3 comments:

  1. bilkul sahi farmaya aapne mark rahi ji aur hum saleem ji baton se bilkul sahmat hai ki hume ek achcha vo mazboot rashtra banana hai naki hume gali galaj ya nafrat ke madhyam se desh ko kai saal peeche ki aur le jaana hai ummeeed hai hindustaan ke dard ke madhyam se hum aur aap ek achcha sandesh jan jan tak pahunchaaye aur apne desh ki sewa isi madhaym se karte rahenge ......
    aapka pana dost
    aleem azmi

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  2. मैं आप दोनों की बात से सहमत हूँ हम सबका लक्ष्य एक है तो मंजिल भी एक ही होनी चाहिए !
    चलिए शुरुआत करते है !

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  3. sir aap logo ko meri baat pasand aayi ..bahut bahut shukriya.....hamlog aaj se hi shuruaat kar diye hai ..kabhi bhi vewajah kisi par aakshep nahi lagaayege...

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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