Monday, March 30, 2009

पप्पू यादव के बयान से कार्यक्रम में हंगामा

बिहार के बाहुबली सांसद पप्पू यादव अपराधीकरण के आरोप लगाने वालों पर जम कर बरसे । कल शाम स्टार न्यूज़ के कार्यक्रम" कहिये नेताजी " में बिन बुलाये मेहमान पप्पू यादव से एंकर ने अपराधीकरण से जुड़े कई सवाल दागे तो बस उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया ।आपराधिक मामलों में सजायाफ्ता पप्पू यादव आज कल जमानत पर चल रहे हैं ।
" कहिये नेताजी " के लिए स्टार न्यूज़ की टीम भागलपुर पहुँची थी । भागलपुर के ऐतिहासिक संडिस कम्पाउंड में कार्यक्रम के दौरान लोगों की भारी भीड़ थी । कार्यक्रम में भाजपा से निशिकांत दुबे , राजद से शकुनी चौधरी और लोजपाके स्थानीय नेता को बुलाया गया था । सप्रंग गठबंधन के सवाल पर लोजपा और राजद खेमे ने चुप्पी साध ली । भागलपुर से जोर-आजमाइश कर रहे शकुनी चौधरी ने बोलना शुरू किया तो मौजूद लोगों ने विरोध किया । एक मतदाता ने पूछा - शकुनी जी पिछले उपचुनाव में हरने के बाद २.५ साल तक कहाँ थे ? लगे हाथों दुबे ने भी स्वस्थ्य का मुद्दा उठाने में देर नही की । गौरतलब हो कि लालू के जंगल राज में शकुनी चौधरी स्वास्थ्य मंत्री थे । आरोप -प्रत्यारोप और जनता के सवालों का दौर अभी चल ही रहा था कि अचानक पप्पू यादव अपने काफिले के साथ प्रकट हुए । पहुँचते ही एंकर ने सवाल दागते हुए पूछा कि 'आपको बिहार में राजनीति के अपराधीकरण का चेहरा कहा जाता है '। सवाल पूरा होने से पहले पप्पू यादव भड़कते हुए कहने लगे -" हम एक बार एम्एलऐ और ५ बार एमपी रहे हैं । जनता ने हमको चुन कर भेजा है । अरे जिस व्यक्ति ने , नरेन्द्र मोदी ने दंगे करवाए , जिसको ख़ुद अटल बिहारी वाजपई ने राज धर्म नही निभाने की बात कही थी वो आदमी मुख्या मंत्री बन हुआ है । इकनॉमिक क्राईम करने वाले बंगारू लक्ष्मण को लीजिये । (पीछे से कुछ युवा पप्पू भइया जिंदाबाद के नारे लगाते हैं )प्रज्ञा ठाकुर जैसे लोग । परवीन तोगडिया , राज ठाकरे , बाल ठाकरे जैसे लोग ठीक हैं? "। वे और भी बोलना चाहते थे पर, हो-हंगामा इतना बढ़ जाता है एंकर ब्रेक पर चला जाता है ।
ब्रेक से वापस आने पर एक बार फ़िर कार्यक्रम शुरू होता है । पप्पू यादव के जवाब में निशिकांत दुबे कहते हैं-" इनका जवाब इनके ही कथन में छुपा हुआ है । नरेन्द्र मोदी भी किसी के रहमो-करम पर जीत कर नही आए हैं बल्कि जनता से चुनकर आए हैं " । इतना सुनते ही भीड़ नरेन्द्र मोदी का समर्थन में तालियाँ और नारे लगाने लगती है । हंगामा बढ़ जाता है । एंकर को टकराव की आशंका दिखती है । बार-बार अनुरोध करने पर भी जब लोग नही मानते हैं और कार्यक्रम रोक देना पड़ता
है ।

1 comment:

  1. जब गद्दी पिछवाडे से निकलने लगती है तो इनकी जी जलने लगता है यही हो रहा है अभी पप्पू यादव के साथ
    अच्छा लिखा है

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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