Tuesday, March 17, 2009

जरा सोचिये तो कौन हैं ये ?














भारत की सरजमीं पर तिरंगे का अपमान । जरा सोचिये तो ये कौन हैं ?

5 comments:

  1. तिरंगे का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.........अपमान चाहे कोई करे उसका मुहं तोड़ जवाब देना मांगता है !

    आप सबको याद है वो 'तिरंगा' फिल्म की मोहम्मद अज़ीज़ के द्वारा गया दिल को छू देने वाला गीत....

    मेरी जान तिरंगा है,
    मेरी शान तिरंगा है..........

    सलीम खान
    स्वच्छ सन्देश: हिंदुस्तान की आवाज़

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  2. यह घटना भारत की है तब भी शर्मनाक है और अगर देश की बाहर की है तब भी !
    क्योंकि राष्ट्र सम्मान की भावना अहम् है !

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  3. बुरी बात है बहुत बुरा

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  4. कश्मीरी मुस्लिम तिरंगा जला रहे हैं, और हम इस दृश्य का आनंद ले रहे हैं

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  5. sagar jee ghatna to isi desh ki hai . pahchanne wale eksajjan ne sahi likha hai . par main unhe kashmiri muslim nahi balki deshdrohi kahna pasand karunga . sabhi kashmiri aise to nahi hote . main kashmiar gaya tha bahut sare desh bhakt mile lekin unki tadad aur takat inke samne kamjoor hai . widambna ki baat hai ki sarkar bhi ise pure muslim samaj se jod kar dekhti hai aur vote bank ki rajniti ko badhawa diya jata raha hai . lekin haliya ghatnakram me ek muslim neta maulana madni ne mushraf ko diye apne jawab se sarkar ka bhram tod dala . is desh ka musalman itna bewkoof bhi nAHI ki ek deshdrohi aur ek sachche hindustani ka fark na samajh sake .
    afsoos ab bhi sarkar nahi cheti hai . kashmiar se lekar asam tak jhande jalaye ja rahe hain algawwadi netao ki railiyo main aur hamari police bal aisi railon ki suraksha me juti rahti hai ..................

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--- संजय सेन सागर

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