Thursday, March 19, 2009

प्यार एक जुनून ग़ज़ल....

दर्द बनकर जिगर में छुपा कौन है
मुझ में रह रह कर ये चीखता कौन
हैएक तरफ दिल है एक तरफ
आइना देखना है मुझे टूटता कौन है
तुम मुझे भूल जाओ यह मुमकिन
नहीं तुमको मेरी तरह चाहता कौन
हैजब तुझे दिल से अपना बना ही
लियाहोंगे बदनाम हम सोचता कौन है
shair कहते मुझे मजबूर करता है
तो अलीम हूँ यह आज़मी कौन है ।

2 comments:

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--- संजय सेन सागर

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